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गुरुवार, 15 अप्रैल 2010

मंत्री का है साथ तो कौन डालेगा हाथ


पांच माह पहले हुए तबादले को रुकवाकर अपना रुतबा कायम कर चुके अभनपुर थाना के प्रभारी नारायण ओटी ने विस्फोट को फटाका बताकर नया कारनामा तो दिखाया ही अब धमकी भरे पत्र ने उसके होश उड़ा दिए है। अवैध शराब से लेकर सटोरियों के सरंक्षण के रुप में ख्याति अर्जित कर चुके ओटी को कृषि मंत्री चन्द्रशेखर साहू का अजीज बताया जाता है उन्हीं के इशारे पर ही तबादला रुकने की खबर है।
राजधानी से लगे अभनपुर में इन दिनों थानेदार नारायण ओटी के कारनामें की चर्चा अब राजधानी में भी गुंजने लगी है तो इसके पीछे कृषि मंत्री का हाथ बताया जा रहा है। कृषि मंत्री के संरक्षण ने नारायण ओटी को न केवल ताकतवर बना दिया है। बल्कि आम लोगों में भारी आक्रोश भी है। अभनपुर क्षेत्रों के ढाबों व कई गांवों में खुलेआम अवैध शराब के चलते यहां अपराधियों का डेरा बनता जा रहा है और पिछले दिनों पूर्व पार्षद पप्पू सिंह ठाकुर के घर हुए विस्फोट को थानेदार की नाकाबिलियत से जोड़कर देखा जा रहा है।
सात मार्च को अल सुबह करीब 4 बजे पप्पू सिंह ठाकुर के घर के दरवाजे पर विस्फोट हुआ और थानेदार ने इसे फटाखा फुटना बताकर रिपोर्ट तक नहीं लिखी जबकि सारे सबूत चिख-चिख कर कह रहे थे कि मामला गंभीर है। अभी पप्पू का परिवार इस विस्फोट के दहशत से उबर भी नहीं पाया था कि 6 अप्रैल को उन्हें धमकी भरा पत्र मिला जिसमें धमकी दी गई है। इस पर भी थानेदार ने रिपोर्ट लिखने की बजाय आवेदन मांगा।
बजरंग दल से जुड़े होने की वजह से पप्पू सिंह ने बजरंग दल के रायपुर वालों से संपर्क किया। पत्रकार वार्ता में उन्होंने साफ कहा कि कृषि मंत्री चन्द्रशेखर साहू के संरक्षण की वजह से थानेदार नारायण ओटी मनमानी कर रहा है और तबादला भी इसी दम पर उसने रुकवाया है।

बुधवार, 14 अप्रैल 2010

देवांगनों की दहाड़

नेताम को हटाना ही पड़ेगा
छत्तीसगढ़ के पंचायत मंत्री रामविचार नेताम की मुसिबतें कम होने का नाम नहीं ले रही है और अब देवांगन समाज ने आर पार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। समाज के अध्यक्ष का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह बेवजह समय खराब कर रहे हैं। उन्हें समाज को हटाना ही पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि पंचायत मंत्री रामविचार नेताम पर संतोष देवांगन नामक अधिकारी को थप्पड़ मारने का आरोप है और यह मामला धीरे-धीरे ही सही तूल पकड़ता जा रहा है। वैसे तो इस मामले में राय सरकार ने जांच अधिकारी नियुक्त कर दिए हैं लेकिन समाज एक सूत्रीय कार्रवाई चाहता है।
20 मार्च 2010 को यह घटना बिलासपुर के एसईसीए गेस्ट हाउस में घटित हुई। इस समय प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह भी उसी शहर में थे। घटना के दो दिनों बाद 22 मार्च को प्रदेश देवांगन समाज की ओर से एक ज्ञापन मुख्यमंत्री रमन सिंह को विधानसभा परिसर पहुंच कर सौंपा गया। इस दौरान उन्होंने देवांगन समाज के पदाधिकारियों को यह आश्वासन दिया था कि जो भी उचित होगा देखेंगे। लेकिन अभी तक उक्त मंत्री श्री नेताम के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रदेश देवांगन समाज के पदाधिकारी 26 मार्च 2010 को महामहिम रायपाल शेखर दत्त से मिले। उन्होंने भी इस घटना की जानकारी विस्तार से ली और यह आश्वासन दिया कि वे आवश्यक कार्रवाई के लिए शासन-प्रशासन को लिखेंगे। देवांगन समाज के पदाधिकारी उक्त घटना को लेकर लगातार यह मांग कर रहे हैं कि मंत्री श्री नेताम को तत्काल मंत्री पद से बर्खास्त किया जाए। लेकिन शासन की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। जबकि प्रदेश देवांगन समाज की ओर से यह चेतावनी दी गई थी कि 2 अप्रैल तक कार्रवाई नहीं होने पर 3 अप्रैल को सामाजिक बैठक कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
प्रदेश देवांगन समाज के अध्यक्ष रामगोपाल देवांगन एवं जिला देवांगन समाज के सचिव मेघनाथ देवांगन ने बताया कि 3 अप्रैल को प्रदेश देवांगन समाज के पदाधिकारियों की एक बैठक टिकरापारा रायपुर स्थित देवांगन समाज के भवन में रखी गई थी। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 12 अप्रैल 2010 को प्रदेश देवांगन समाज के नेतृत्व में छ.ग. के सभी जिले के देवांगन समाज के पदाधिकारी एक दिवसीय सांकेतिक रैली निकाल कर धरना प्रदर्शन करेंगे। इस आंदोलन के माध्यम से देवांगन समाज यह मांग करेगी कि ऐसे मंत्री जो अपने ओहदे एवं कानून का ज्ञान नहीं रख सकते उन्हें तत्काल बर्खास्त किया जाए। सांकेतिक आंदोलन के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश देवांगन समाज आगे क्रमबध्द आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
जांच अधिकारी पर आरोप
देवांगन समाज ने जांच अधिकारी सोनमणि वोरा की जांच से संतुष्ट नहीं है उनका कहना है कि श्री वोरा कभी श्री नेताम के अधिनस्थ रहे हैं ऐसे में उनकी जांच पर भरोसा नहीं किया जा सकता है।
नेताम पहले भी
हाथ उठा चुके हैं...
देवांगन समाज ने यह भी कहा कि पंचायत मंत्री श्री नेताम पहले भी शासकीय अधिकारियों व कर्मचारियों से मारपीट कर चुके हैं और गृहमंत्री बनने के बाद मामले का खात्मा किया गया