नेताम को हटाना ही पड़ेगा
छत्तीसगढ़ के पंचायत मंत्री रामविचार नेताम की मुसिबतें कम होने का नाम नहीं ले रही है और अब देवांगन समाज ने आर पार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। समाज के अध्यक्ष का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह बेवजह समय खराब कर रहे हैं। उन्हें समाज को हटाना ही पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि पंचायत मंत्री रामविचार नेताम पर संतोष देवांगन नामक अधिकारी को थप्पड़ मारने का आरोप है और यह मामला धीरे-धीरे ही सही तूल पकड़ता जा रहा है। वैसे तो इस मामले में राय सरकार ने जांच अधिकारी नियुक्त कर दिए हैं लेकिन समाज एक सूत्रीय कार्रवाई चाहता है।
20 मार्च 2010 को यह घटना बिलासपुर के एसईसीए गेस्ट हाउस में घटित हुई। इस समय प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह भी उसी शहर में थे। घटना के दो दिनों बाद 22 मार्च को प्रदेश देवांगन समाज की ओर से एक ज्ञापन मुख्यमंत्री रमन सिंह को विधानसभा परिसर पहुंच कर सौंपा गया। इस दौरान उन्होंने देवांगन समाज के पदाधिकारियों को यह आश्वासन दिया था कि जो भी उचित होगा देखेंगे। लेकिन अभी तक उक्त मंत्री श्री नेताम के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रदेश देवांगन समाज के पदाधिकारी 26 मार्च 2010 को महामहिम रायपाल शेखर दत्त से मिले। उन्होंने भी इस घटना की जानकारी विस्तार से ली और यह आश्वासन दिया कि वे आवश्यक कार्रवाई के लिए शासन-प्रशासन को लिखेंगे। देवांगन समाज के पदाधिकारी उक्त घटना को लेकर लगातार यह मांग कर रहे हैं कि मंत्री श्री नेताम को तत्काल मंत्री पद से बर्खास्त किया जाए। लेकिन शासन की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। जबकि प्रदेश देवांगन समाज की ओर से यह चेतावनी दी गई थी कि 2 अप्रैल तक कार्रवाई नहीं होने पर 3 अप्रैल को सामाजिक बैठक कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
प्रदेश देवांगन समाज के अध्यक्ष रामगोपाल देवांगन एवं जिला देवांगन समाज के सचिव मेघनाथ देवांगन ने बताया कि 3 अप्रैल को प्रदेश देवांगन समाज के पदाधिकारियों की एक बैठक टिकरापारा रायपुर स्थित देवांगन समाज के भवन में रखी गई थी। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 12 अप्रैल 2010 को प्रदेश देवांगन समाज के नेतृत्व में छ.ग. के सभी जिले के देवांगन समाज के पदाधिकारी एक दिवसीय सांकेतिक रैली निकाल कर धरना प्रदर्शन करेंगे। इस आंदोलन के माध्यम से देवांगन समाज यह मांग करेगी कि ऐसे मंत्री जो अपने ओहदे एवं कानून का ज्ञान नहीं रख सकते उन्हें तत्काल बर्खास्त किया जाए। सांकेतिक आंदोलन के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश देवांगन समाज आगे क्रमबध्द आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
जांच अधिकारी पर आरोप
देवांगन समाज ने जांच अधिकारी सोनमणि वोरा की जांच से संतुष्ट नहीं है उनका कहना है कि श्री वोरा कभी श्री नेताम के अधिनस्थ रहे हैं ऐसे में उनकी जांच पर भरोसा नहीं किया जा सकता है।
नेताम पहले भी
हाथ उठा चुके हैं...
देवांगन समाज ने यह भी कहा कि पंचायत मंत्री श्री नेताम पहले भी शासकीय अधिकारियों व कर्मचारियों से मारपीट कर चुके हैं और गृहमंत्री बनने के बाद मामले का खात्मा किया गया
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