गुरुवार, 29 अप्रैल 2010

सरकार की आंख खोलने में लगे हैं विहिप

सरकार की आंख खोलने में लगे हैं विहिप
शिक्षण व धार्मिक जगहों पर शराब दुकान गलत
गरीबों के लिए सर्वसुविधायुक्त चिकित्सालय सहित विभिन्न सामाजिक कार्यों का बीड़ा उठा रहे विश्व हिन्दू परिषद के अध्यक्ष रमेश मोदी ने कहा कि वे चिकित्सालय के कार्यक्रम में सरकार के दर्जनभर नेताओं को इसलिए बुला रहे हैं ताकि उनकी आंख खुले कि बगैर सरकारी सहयोग के इतना बड़ा पुण्य का कार्य कैसे हो रहा है। उन्होंने इस बात का भी विरोध किया और कहा कि शिक्षण संस्थाओं और धार्मिक स्थलों के पास शराब दुकानें नहीं खोली जानी चाहिए।
श्री मोदी विश्व हिन्दू परिषद एवं श्री शबरी सेवा संस्थानम् द्वारा संचालित नर्मदादेवी खेतान चिकित्सालय में सुविधा बढ़ाने और साहित्य सदन की स्थापना पर पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। इस दौरान आर.के. केडिया, किशोर गांधी, डॉ. ओ.पी. अग्रवाल, अशोक मालू भी उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि आज समाज को दिशा देने की जरूरत है हिन्दुओं को एका के बिना देश का विकास नहीं हो सकता। लेकिन हिन्दू एक नहीं हो पा रहे हैं और जिस दिन जनता एक हो गई सरकार को भी नियमानुसार काम करने पड़ेंगे। श्री मोदी ने कहा कि उनकी संस्था बगैर सरकारी सहयोग के चिकित्सालय में गरीबों के लिए सुविधाएं जुटा रही है और रोज लगभग दो सौ लोग रोज चिकित्सा के लिए आ रहे हैं। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि सरकार के इतने लोगों को आंख खोलने बुला रहे हैं ताकि उन्हें भी लगे कि बगैर सरकारी मदद के अच्छा कार्य हो रहा है।
उन्होंने शराब दुकानों को लेकर चल रहे आंदोलन पर कहा कि जनआंदोलन को सरकार को समझना चाहिए और विहिप जनआंदोलन का सम्मान करती है तथा शैक्षणिक व धार्मिक संस्थानों के आसपास शराब दुकानों का विरोध करती है। सरकार में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जहां है वहीं ठीक है नहीं तो या तो वे परेशान रहते या सरकार परेशान होती।

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